लुधियाना के मॉडल टाउन स्थित प्रसिद्ध खिलौना विक्रेता गुरु टॉयज के नाम और पहचान का कथित तौर पर दुरुपयोग कर देशभर में बड़े स्तर पर साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। दुकान संचालक का आरोप है कि पिछले लगभग चार वर्षों से संगठित साइबर गिरोह उसकी दुकान के नाम, सोशल मीडिया सामग्री, तस्वीरों और कारोबारी पहचान का इस्तेमाल कर हजारों लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायतें और सबूत सौंपे जाने के बावजूद अब तक इस पूरे नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
दुकानदार का दावा है कि इस अवधि के दौरान पंजाब सहित देश के विभिन्न राज्यों से 2000 से अधिक पीड़ित उसकी दुकान तक पहुंच चुके हैं। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने हजारों से लेकर लाखों रुपये तक गंवाए हैं। पीड़ितों की बढ़ती संख्या और वर्षों से जारी कथित फर्जीवाड़े ने पुलिस तथा साइबर सेल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया बना ठगी का सबसे बड़ा हथियार
जानकारी के अनुसार साइबर ठग सबसे पहले गुरु टॉयज के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो, तस्वीरें और प्रचार सामग्री कॉपी करते हैं। इसके बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर हूबहू दिखने वाले फर्जी अकाउंट और पेज तैयार किए जाते हैं। इन पेजों को देखकर आम व्यक्ति के लिए असली और नकली अकाउंट में अंतर कर पाना लगभग असंभव हो जाता है। आरोप है कि इन फर्जी पेजों पर 40 से 50 प्रतिशत तक छूट के आकर्षक विज्ञापन चलाए जाते हैं। सस्ते दाम देखकर ग्राहक संपर्क करते हैं और फिर व्हाट्सएप कॉल, चैट तथा मोबाइल नंबरों के माध्यम से उन्हें विश्वास दिलाया जाता है कि वे सीधे गुरु टॉयज के अधिकृत प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं।
नकली आईडी, दस्तावेज और दुकान की तस्वीरों से जीता जाता है भरोसा
दुकानदार का कहना है कि गिरोह केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए कथित तौर पर नकली आईडी कार्ड, फर्जी दस्तावेज और अन्य प्रमाण भी तैयार किए गए हैं। ग्राहकों को दुकान की वास्तविक तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन भेजकर यह विश्वास दिलाया जाता है कि लेन-देन पूरी तरह सुरक्षित है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग बिना किसी संदेह के ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं और बाद में ठगी का शिकार बन जाते हैं।
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